लौरिया :- भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों में लौरिया नंदन गढ़ का विशेष स्थान है। यहीं वह जगह है जहां भगवान ने राजसी वस्त्रों का परित्याग किया था। रथ व घोड़ा को वापस कर दिया तथा मुंडन करा कर पैदल ही बोध गया की तरफ चल दिये थे। भगवान बुद्ध के मन में तो संसार के लोगों की पीड़ा देख कर पहले से ही बैराग्य का भाव था। लेकिन इस जगह की मिट्टी में भी कुछ वैसी बातें है, जिसने उन्हें राजसी वस्त्र छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। उक्त बातें चीन के फुचेन मंदिर की तरफ से आये 10 सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे लामा मिस्टर छेंग ने कही। यह दल कुशीनगर से सीधे लौरिया नंदन गढ़ पहुंचा। गढ़ की परिक्रमा कर पूजा अर्चना की फिर अशोक स्तंभ गये। यहां से वैशाली के लिए प्रस्थान कर गये
नरकटियागंज नरकटियागंज बिहार प्रान्त का एक शहर है। यह पश्चिम चंपारण जिले का एक अनुमंडल तथा नगर परिषद भी है। नरकटियागंज अनुमंडल में 4 प्रखंड क्रमशः नरकटियागंज , लौरिया , मैनाटांड़-सिकटा और गौनाहा है। नरकटियागंज अनुमंडल की जनसंख्या 2011 के जनगणना के अनुसार 332073 है। वर्तमान में 550000 के लगभग जनसंख्या अनुमानित है। नरकटियागंज नगर परिषद में कुल 25 वार्ड है| 2011 के आंकड़ो के अनुसार शहरी जनसंख्या 49,507 है। वही शहरी क्षेत्र में तीव्र गति से बढ़ती आबादी को देखते हुए वर्तमान में शहरी जनसंख्या 1,60000 अनुमानित है।नरकटियागंज में कुल 27 पंचायत है. और 148 गाँव है। पर्यटन स्थल 1. नंदन गढ़ 2. चानकी गढ़ 3. अशोक स्तंभ 4. भिखनाठोड़ी का जंगल
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