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भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों में लौरिया नंदन गढ़ का विशेष स्थान है।





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लौरिया :- भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों में लौरिया नंदन गढ़ का विशेष स्थान है। यहीं वह जगह है जहां भगवान ने राजसी वस्त्रों का परित्याग किया था। रथ व घोड़ा को वापस कर दिया तथा मुंडन करा कर पैदल ही बोध गया की तरफ चल दिये थे। भगवान बुद्ध के मन में तो संसार के लोगों की पीड़ा देख कर पहले से ही बैराग्य का भाव था। लेकिन इस जगह की मिट्टी में भी कुछ वैसी बातें है, जिसने उन्हें राजसी वस्त्र छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। उक्त बातें चीन के फुचेन मंदिर की तरफ से आये 10 सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे लामा मिस्टर छेंग ने कही। यह दल कुशीनगर से सीधे लौरिया नंदन गढ़ पहुंचा। गढ़ की परिक्रमा कर पूजा अर्चना की फिर अशोक स्तंभ गये। यहां से वैशाली के लिए प्रस्थान कर गये

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